यह ग्रन्थ उन्हीं का सार है l इस ग्रन्थ में वर्तमान संदर्भो से सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर विचार किया गया है l इसमें प्रत्येक भाव का विस्तृत फल
popularly known as CALL CENTRE has been studied from Vedic Jyotish angle
जन्मकुण्डली में नवग्रहों के द्वादश भावगत फल द्वादश भाव सम्बन्धी व्यावहारिक अनुभवसिद्ध योग लग्नेश तथा अन्य भावेशों की विभिन्न भावो में स्थिति तथा उनके परस्पर सम्बन्ध से जीवन पर प्रभाव शनि के विषय में महर्षि गर्ग एवं कवि कालिदास का मत आयु
भविष्य एवं वर्तमान का ज्ञान प्राप्त कर अपने प्रयत्नों द्वारा वर्तमान तथा भविष्य के जीवन को प्रभावित एवं परिवर्तित किया जा सकता है l साथ ही अरिष्ट निवारक आश्रय लेकर संकटो से छुटकारा भी पाया जा सकता है l अत: यह शास्त्र जो होना है
It is based on the significations of the relevant cuspal sub lord and joint dasa period lords at all the three levels of planet
A Text Book of Lal Kitab (Based on 5 Traditional Classics 1939, 1940, 1941, 1942, 1952) [English] Part 1) [Hindi] यह ग्रन्थ उन्हीं का सारA Text Book of Lal Kitab (Based on 5 Traditional Classics 1939, 1940, 1941, 1942, 1952) [English] Written By: Roop Chand Joshi, Umesh Sharma Publisher: DPB Publication